यह ब्लॉग खोजें

लोड हो रहा है. . .

8 मार्च 2011

बाल गीत 3

बिल्ली बोली म्याऊँ-म्याऊँ ,
कितना पाऊँ ,कितना खाऊँ,

चूहा  बोला  चुन चुन चुन
अपने मन की छेड़ो धुन ,

कुत्ता बोला भों भों भों ,
सारी रात जागा है ,सो ,

गदहे ने ली मीठी तान ,
गुण का जग करता सम्मान ,


उल्लू बोला टों,टों टों ,
अँधियारा तू सबका ढ़ो,

चिड़िया चहकी चीं,चीं ,चीं 
चाय बन गयी, उठ कर पी 

1 टिप्पणियाँ: