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10 नवम्बर 2011

दीवाली के जगमग दिए ,

दीवाली के जगमग दिए ,
जीवन को रोशन कर जाएँ ,
जो कुछ भी अब तक मिला नहीं ,
वह सबकुछ अब जीवन में पायें ,
निर्मल हो मन ,तन स्वस्थ रहे ,
हरपग पर नए उजाले हों ,
कितने तूफ़ान चलें फिर भी
सौ दीप जलाने वाले हों //



दीवाली मंगलमय हो बंधु जन सपरिवार आप सभी को
सस्नेह !

9 टिप्पणियाँ:

  1. देर से ही सही दीवाली की शुभकामनायें .....

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  2. bahut sundar sarthak deepmay rachna..
    diye to jalte rahne chahiye..
    haardik shubhkamnayen!

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  3. अब तो नया साल आ गया ......उसकी बधाई ....कहाँ गयी डाक्टर साहब ?

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