by डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह10:31 pm
ग़ज़ल टूटे मन से और बहुत भी टूटा हूँ/ औरों को क्या कहूं जो खुद ही झूठा हूँ// जग में कितने अपनों को दी पीडाएं / औरों से ठोकर खाई तो रू...Read More
जीवन की रचनात्मक अभिव्यक्ति
Reviewed by डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह
on
4:12 pm
Rating: 5