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गीत

by 11:59 pm
एक सागर की कथा  है , जिंदगी मुझमे व्यथा है // बह रहा हूँ धार सा मै  , जूझता मंझधार सा मै , घूमता फिरता रहा हूँ , हवा में तिरता रहा हूँ , मन ...Read More
by 8:28 pm
गीत छोटी सी इक किरण से आकाश ने कहा, तुम खिल कर बिखरती हो पर मै थमा रहा , ओंठो पर मुस्कुराहटें कितनी ही आ गयीं , पहले किरण हंसी फिर थोडा लज...Read More

तुम

by 7:59 pm
तुम रहे हो जिंदगी में एक आदत की तरह / हम जिए तुमको इबादत की तरह          // तुम हमें मुस्कान से छल ने  लगे          / आजकल की इस सियासत की त...Read More

pyar

by 12:47 pm
प्यार किसने देखा है ? वह वृत्त है या रेखा है ? सरल है या गोला है ? ठोस है या पोला है ? कठिन है या भोला है ? लेकिन दोस्त ये पैमाने तो प्...Read More

गीत

by 8:02 am
 संघर्षों को बना लिया है जब मन के अनुरूप , फिर क्यों भला बताओ लिख दें अन्धकार को धूप? , चन्दन के वन खोजे तो सापों के दंश मिले           , ...Read More
by 12:01 am
शहनाई के सुर............ शहनाई के मीठे सुर से कुछ पल को यूं बात हुई , जैसे तेरा दामन पकड़ा ,तुम से इक मुलाकात हुई, खोया खोया चाँद किसी की ...Read More
by 8:50 am
बिना बातआपके साथ कैसी है पहेली बार बार सोचता हूँ कि जिंदगी ऐसी उलझनों , भरी,मुश्किलों भरी क्यों है ?आख़िर क्यों जी जाए ऐसी जिंदगी जहाँ आदमी...Read More

ग़ज़ल

by 11:00 pm
ग़ज़ल दर्द के ,प्यास के पर क़तर जायेंगे , मुद्दतों बाद हम अपने घर जायेंगे , रौशनी बंद गलियों में फिरती रही , यह अंधेरे दियों को निगल जायेंगे ...Read More
by 8:23 am
गीत अर्चना के पुष्प का यह थाल, ज्यों दीप्त दीपित , श्रेष्ठ ,उन्नत भाल , हर सुबह के साथ नया प्रकाश , नावों ने फहरा दिए फ़िर पाल,// अर्चना ......Read More

गीत

by 8:03 am
दिन बहुत बीते, नहीं अब याद मुझ को गीत पहला // रागिनी सी उम्र थी और प्यार था संतूर सा अश्रु कण भी नहीं थे और दर्द भी था दूर सा जी रहा...Read More

गीत

by 8:24 am
प्यास हूँ मै जिंदगी की प्यास हूँ , धूप का जलता हुआ अहसास हूँ , चाहता था मै गगन चूमूं कभी , पुष्प की इक पांख सा झूमूं अभी , पर चुभन से गीत मे...Read More

गीत

by 8:34 pm
कोई सपना है जिसे आंखों ने फ़िर पाया है , एक आइना है जिसमे तू नज़र आया है , रंग है रूप है ,कुछ धूप है जवानी की , याद है ,दर्द है ,कुछ प्यास ह...Read More

नदी

by 7:52 am
तेजी से आती है ,जाती है नदी , मौसम के गीतों को गाती है नदी , पथरीले पाटों पर ,उमग रहे घाटों पर , प्रथम प्यार की जैसे ,पाती है नदी , मटमैले प...Read More
© डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह. Blogger द्वारा संचालित.